जर्मनी में, जो प्रवासी वापस भेजे जाने के आदेश का सामना कर रहे हैं, उनमें से आधे से ज़्यादा को निर्वासित करने की योजनाएँ विफल हो जाती हैं। यह जानकारी संघीय आंतरिक मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए आँकड़ों से सामने आई है। इसका मतलब है कि सरकार जितने प्रवासियों को देश से निकालने का इरादा रखती है, उनमें से कई वास्तव में वापस नहीं भेजे जा पाते हैं। ये आँकड़े जर्मनी की आव्रजन नीतियों और उन्हें लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हैं। विफलताओं के कारण विभिन्न हो सकते हैं, जैसे कानूनी बाधाएं, कागजी कार्रवाई में देरी या प्रवासियों का सहयोग न करना। इस स्थिति के कारण सरकार पर आव्रजन नियंत्रण को मजबूत करने का दबाव बढ़ रहा है। यह मुद्दा देश में राजनीतिक बहस का भी विषय बना हुआ है।