जर्मनी, अमेरिका के साथ हुए डीजल समझौते के बावजूद, रूस पर नए प्रतिबंध लगाने पर अड़ा हुआ है। क्रेमलिन ने कहा है कि रूस अमेरिकी और वैश्विक बाजारों को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने के लिए तैयार है। यह बयान जर्मनी के आगामी प्रतिबंधों के बीच आया है जिसका उद्देश्य रूस की ऊर्जा राजस्व को कम करना है। रूस ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वह तेल की आपूर्ति को पुनर्निर्देशित करने में सक्षम है। अमेरिका और रूस के बीच यह समझौता ऊर्जा बाजारों में स्थिरता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन जर्मनी ने इस समझौते पर अपनी चिंता व्यक्त की है। जर्मनी का मानना ​​है कि रूस के साथ व्यापार जारी रखने से उसकी युद्ध क्षमताओं को समर्थन मिलेगा। इस स्थिति से वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक तनाव पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।