जर्मन सुरक्षा विशेषज्ञ कारलो मसाला ने ‘ले मोंडे’ को दिए साक्षात्कार में कहा है कि लीपजिग-हल्ले हवाई अड्डे पर 4-5 अगस्त की रात को ड्रोन से हुए हमले की कोशिश, रूस द्वारा यूरोप के खिलाफ छेड़े गए हाइब्रिड युद्ध में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनका मानना है कि जर्मनी को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह यूक्रेन को यूरोपीय स्तर पर सबसे ज़्यादा समर्थन देने वाला देश है। मसाला के अनुसार, यह हमला दर्शाता है कि रूस अब यूरोप में सीधे हमले करने को तैयार है। यह स्थिति यूरोपीय देशों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञ का कहना है कि रूस, यूक्रेन को समर्थन देने वाले देशों को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। यह घटनाक्रम यूरोप की सुरक्षा रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है। जर्मनी अब अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।