जर्मनी सरकार ने 2028 से 2034 तक के यूरोपीय संघ के वित्तीय ढांचे के लिए आयोग के समझौते के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है। ब्रुसेल्स में हुई शिखर बैठक में इस मुद्दे पर तीखी बहस होने की संभावना है। जर्मनी का मानना है कि प्रस्तावित बजट उसकी आर्थिक क्षमताओं के अनुरूप नहीं है और इसमें कटौती की आवश्यकता है। यह विवाद यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच वित्तीय बोझ के वितरण से संबंधित है। जर्मनी, यूरोपीय संघ का सबसे बड़ा योगदानकर्ता होने के नाते, बजट में अपनी भूमिका को लेकर अधिक नियंत्रण चाहता है। इस असहमति के कारण आगामी महीनों में बजट पर बातचीत और जटिल होने की आशंका है। इससे यूरोपीय संघ की नीतियों और कार्यक्रमों के वित्तपोषण पर भी असर पड़ सकता है।