जर्मनी की नई रक्षा नीति को लेकर फ्रांस में अविश्वास बढ़ रहा है। “फ्रैंकफुर्टर एलेगेमाइन Zeitung” के विश्लेषण के अनुसार, फ्रांस को डर है कि जर्मनी की यूरोप की सुरक्षा के लिए अधिक जिम्मेदारी लेने की घोषणा, संयुक्त हथियार परियोजनाओं और फ्रांको-जर्मन सैन्य सहयोग को कमजोर कर सकती है। फ्रांस का मानना है कि जर्मनी की रणनीति में उन्हें और पोलैंड को हाशिए पर रखा जा रहा है। इस नीति को फ्रांस में ‘पीठ में छुरा’ मारने जैसा माना जा रहा है। जर्मनी की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे यूरोपीय सुरक्षा सहयोग में दरार आ सकती है। यह स्थिति यूरोपीय संघ के भीतर शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है।