जर्मनी रूस से उत्पन्न खतरे के मद्देनज़र अपनी सेना को लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों से लैस करने की योजना बना रहा है। अमेरिकी मीडिया 'पोलिटिको' द्वारा देखे गए गुप्त रक्षा दस्तावेजों के अनुसार, इस योजना में 12 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। इसमें क्रूज़ मिसाइलें और हाइपरसोनिक ग्लाइडर विमान शामिल होंगे, जिनकी मारक क्षमता 2000 किलोमीटर से अधिक होगी। यह कदम नाटो की सीमाओं पर रूस की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को रोकने के लिए उठाया जा रहा है। जर्मनी का उद्देश्य अपनी निवारक क्षमता को मजबूत करना और संभावित आक्रमण के खिलाफ खुद को बेहतर ढंग से तैयार करना है। यह योजना जर्मनी की रक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। इस पहल से यूरोपीय सुरक्षा परिदृश्य पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।