जर्मनी सरकार गैस उपभोक्ताओं पर ३ बिलियन यूरो का एक आपातकालीन कर लगाने की योजना बना रही है। यह कदम पहले राजनीतिक विरोध के बावजूद उठाया जा रहा है। इस कर का उद्देश्य आपात स्थिति के लिए गैस भंडार बनाना है। जर्मनी का यह निर्णय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का तर्क है कि यह कदम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा। सरकार का कहना है कि यह आवश्यक है ताकि ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस योजना के कार्यान्वयन से जर्मनी में ऊर्जा की कीमतें बढ़ने की संभावना है।