जर्मनी में, आप्रवासन विरोधी और वामपंथी BSW पार्टी, राज्य संसद में प्रवेश करने में सफल रही है। यह परिणाम आश्चर्यजनक रहा, क्योंकि पार्टी ने बहुत कम अंतर से सीट हासिल की। अब, BSW पार्टी एक ‘किंगमेकर’ के रूप में उभर रही है, जिसका मतलब है कि सरकार बनाने के लिए अन्य दलों को इस पार्टी का समर्थन हासिल करना होगा। इस नई राजनीतिक स्थिति से जर्मनी की राजनीति में अनिश्चितता बढ़ गई है। यह घटना दर्शाती है कि आप्रवासन के मुद्दे पर विभिन्न विचारधाराओं वाले राजनीतिक दल भी एक मंच पर आ सकते हैं। BSW पार्टी की सफलता से स्थापित राजनीतिक दलों को भी चुनौती मिली है, और उन्हें नए सिरे से अपनी रणनीतियों पर विचार करना होगा। यह गठबंधन जर्मनी की राजनीतिक भविष्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।