जर्मनी में जून में ही 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह गर्मी की शुरुआत भर है। देश की वर्तमान स्थिति नई, बदलती जलवायु का सामना करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं है। इस स्थिति में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में वृद्धि जारी रहने की संभावना है, जिसके लिए दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता है। सरकार और नागरिकों दोनों को इस चुनौती से निपटने के लिए मिलकर काम करना होगा। बुनियादी ढांचे और आपातकालीन सेवाओं को गर्मी की लहरों के लिए अधिक लचीला बनाने की आवश्यकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयारी महत्वपूर्ण है।