जर्मनी, बर्लिन में 'रूसी घर’ विवाद के बीच, रूस में स्थित गोएथे संस्थान का उल्लेख कर रहा है। हालांकि, रूसी सरकार द्वारा जर्मन कर्मचारियों को निष्कासित करने के बाद गोएथे संस्थान का कार्य पहले से ही काफी सीमित हो गया है। विदेश मंत्रालय का तर्क है कि रूसी घर को बंद करने का कदम पारस्परिक नहीं होगा क्योंकि गोएथे संस्थान अभी भी रूस में काम कर रहा है। संस्थान की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी, रूस के साथ संवाद के लिए एक चैनल बनाए रखने के लिए गोएथे संस्थान को खुला रखने का प्रयास कर रहा है। इस स्थिति में, रूस में गोएथे संस्थान की भूमिका और भविष्य अनिश्चित हैं, लेकिन यह जर्मनी के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपकरण बना हुआ है। यह कदम रूस के साथ संबंधों को बनाए रखने की जर्मनी की इच्छा दर्शाता है।

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