जर्मनी में स्वैच्छिक भर्तियों की कमी के कारण देश को २०२७ की गर्मियों तक अनिवार्य सैन्य भर्ती प्रणाली को फिर से लागू करने पर विचार करना पड़ सकता है। एक वरिष्ठ सांसद ने यह जानकारी दी है। वर्तमान में, जर्मन सेना को पर्याप्त संख्या में सैनिक नहीं मिल रहे हैं, जिससे देश की रक्षा क्षमताओं पर असर पड़ सकता है। सांसद के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर है कि अनिवार्य भर्ती को फिर से शुरू करना आवश्यक हो सकता है। यह कदम जर्मनी की सुरक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि अनिवार्य भर्ती को २००० के दशक में समाप्त कर दिया गया था। इस संभावित बदलाव पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ने की संभावना है। यह निर्णय जर्मनी की भू-राजनीतिक स्थिति और सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में लिया जा सकता है।