बर्लिन और पेरिस ने आंतरिक दहन इंजन पर प्रतिबंध को नरम करने पर सहमति व्यक्त की है। इस समझौते से यूरोपीय संघ स्तर पर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। हालांकि, बर्लिन के लिए इस समझौते की एक कीमत है। यह समझौता जर्मनी और फ़्रांस के बीच हुई गहन चर्चाओं का परिणाम है। माना जा रहा है कि इस फैसले से वाहन उद्योग पर पड़ने वाला प्रभाव कम होगा। यह समझौता यूरोपीय संघ में जलवायु लक्ष्यों और आर्थिक हितों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है। अब यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से इस प्रस्ताव पर सहमति मिलने की उम्मीद है। यह समझौता वाहन निर्माताओं को नई तकनीक विकसित करने के लिए अधिक समय देगा।