जर्मनी ने 4 अगस्त को लाइपजिग/हैल हवाई अड्डे पर विस्फोटक लदे ड्रोन से हुए हमले के लिए रूस को ज़िम्मेदार ठहराया है। जर्मन सरकार ने मॉस्को के ख़िलाफ़ कई कदम उठाए हैं, जिसमें एक रूसी वाणिज्य दूतावास को बंद करना भी शामिल है। नाटो महासचिव मार्क रूट्टे और यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डर लेयेन ने बर्लिन के प्रति "पूर्ण एकजुटता" की कसम खाई है। जर्मनी का मानना है कि यह हमला रूस की ओर से किया गया था और इसकी कड़ी निंदा की जाती है। इस घटना के बाद, जर्मनी ने रूस के साथ राजनयिक संबंधों को और कड़ा करने का फैसला किया है। यह कदम रूस की गतिविधियों के विरोध में एक मजबूत संदेश है। आगे की जांच जारी है और जर्मनी इस मामले में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की उम्मीद कर रहा है।