जर्मनी ने ओर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में संभावित सैन्य अभियान की तैयारी के मद्देनज़र दो युद्धपोतों को लाल सागर में भेजा है। रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने नाटो रक्षा मंत्रियों की ब्रुसेल्स में हुई बैठक से पहले यह जानकारी दी। यह तैनाती क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच की जा रही है। माना जा रहा है कि यह कदम जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। जर्मनी का यह कदम हालिया हमलों और समुद्री मार्गों में व्यवधानों के बाद उठाया गया है। फिलहाल, इस सैन्य अभियान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह नाटो सहयोग के ढांचे के भीतर हो सकता है। यह तैनाती जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिबद्धताओं का हिस्सा है।
