जर्मनी में, सॉफ्टवेयर डेवलपर क्रिश्चियन स्कुडलिक पूर्व और पश्चिम जर्मनी के बीच कोई अंतर नहीं करते हैं। वहीं, सेवानिवृत्त प्रोफेसर डर्क कैस्लर का मानना है कि अभी पुनर्मिलन की बात करना जल्दबाजी होगी। “जर्मनी बोलती है” नामक एक पहल इन दोनों दृष्टिकोणों को एक साथ लाती है। यह कार्यक्रम जर्मनी में विभिन्न विचारों को एक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। इसका उद्देश्य देश में एकता और संवाद को बढ़ावा देना है। यह पहल दर्शाती है कि जर्मनी में पुनर्मिलन के बाद भी सामाजिक और मानसिक विभाजन मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। यह संवाद, जर्मनी के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।