जर्मन ट्रेड यूनियन कॉन्फेडरेशन (DGB) की अध्यक्ष यास्मीन फहीमी ने सरकार द्वारा गठित पेंशन सुधार आयोग की प्रमुख सिफारिशों पर कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। फहीमी का कहना है कि आयोग के सुझाव श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं और उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विशेष रूप से उन बिंदुओं पर निशाना साधा जो पेंशन की आयु बढ़ाने और योगदानों को कम करने से संबंधित हैं। उनका तर्क है कि इससे कम आय वाले श्रमिकों को सबसे अधिक नुकसान होगा। फहीमी ने सरकार से इन सिफारिशों पर पुनर्विचार करने और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए एक अधिक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है। इस मुद्दे पर आगे राजनीतिक बहस होने की संभावना है।