जर्मनी में मुद्रास्फीति दर ३.२ प्रतिशत पर है, लेकिन खाद्य पदार्थों की कीमतें अन्य वस्तुओं की तुलना में तेज़ी से बढ़ी हैं। जुलाई से, बुनियादी खाद्य पदार्थों पर कर में कटौती से मुद्रास्फीति में ०.२ प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है। ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण में भी कुछ छूट दी जाएगी, लेकिन यह पहले की तरह प्रभावी नहीं रहेगी। इसके अतिरिक्त, तीसरे देशों से आने वाले छोटे पार्सल पर यूरोपीय संघ द्वारा एक नया सीमा शुल्क लगाया जाएगा। यह कदम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने और व्यापार नीतियों को समायोजित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये उपाय मुद्रास्फीति को पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे, लेकिन निश्चित रूप से कुछ हद तक राहत प्रदान करेंगे। सरकार भविष्य में और अधिक कदम उठाने पर विचार कर रही है।