जुलाई महीने में जर्मनी में मुद्रास्फीति दर गिरकर 2.8 प्रतिशत हो गई। यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों पर मूल्य वर्धित कर (VAT) में कटौती के कारण हुई है। इस कर कटौती से दैनिक खरीदारी सस्ती हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह कमी अस्थायी हो सकती है, लेकिन फिलहाल यह अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। सरकार ने बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया था। मुद्रास्फीति में कमी से नागरिकों की क्रय शक्ति में भी कुछ सुधार हुआ है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले महीनों में यह प्रवृत्ति जारी रहती है या नहीं।