जर्मनी के अस्पतालों के संगठन, Deutsche Krankenhausgesellschaft (DKG) ने स्वास्थ्य मंत्री नीना वार्केन की प्रस्तावित मितव्ययिता योजना को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। DKG का कहना है कि यदि यह योजना वर्तमान रूप में लागू होती है, तो देश के आधे से अधिक अस्पताल दिवालिया होने के कगार पर पहुँच सकते हैं। इस स्थिति से अस्पतालों में बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका भी जताई जा रही है। संगठन का मानना है कि प्रस्तावित कटौती से अस्पतालों की वित्तीय स्थिति और खराब हो जाएगी, जिससे मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। DKG ने सरकार से इस योजना पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है ताकि अस्पतालों को वित्तीय स्थिरता मिल सके और वे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। यह चेतावनी जर्मनी की स्वास्थ्य प्रणाली के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
