जर्मनी में ग्रीन्स पार्टी के भीतर नेतृत्व के चुनाव को लेकर बहस छिड़ गई है। सवाल यह है कि क्या पार्टी के सभी सदस्यों को, केवल चुने हुए सांसदों के बजाय, नेता को चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। कुछ लोगों का मानना है कि यह पार्टी को अधिक लोकतांत्रिक बना देगा और अधिक सदस्यों को शामिल करेगा। वहीं, दूसरों का तर्क है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और पार्टी में विभाजन आ सकता है। अगर पार्टी इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लेती है तो पार्टी के विकास में रुकावट आ सकती है। इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर विचार-विमर्श जारी है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文