जर्मनी सरकार और टैंक निर्माता कंपनी KNDS के बीच नियंत्रण को लेकर खींचतान चल रही है। सरकार इस कंपनी में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है, जो जर्मनी और फ्रांस के बीच एक संयुक्त उद्यम है। इस वजह से कंपनी के शेयर बाजार में आने की योजना अनिश्चित हो गई है। सांसदों ने भी सरकार से KNDS पर अधिक नियंत्रण रखने का आग्रह किया है। यह कदम जर्मनी की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और कंपनी की रणनीतिक दिशा को प्रभावित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अंतिम निर्णय जर्मनी और फ्रांस के बीच संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।