संघीय सरकार, राज्यों और नगर पालिकाओं के बीच स्वास्थ्य प्रणाली मेंL में सुधारों को लेकर लंबी बहस चली। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य केवल संरचनात्मक बदलाव करना नहीं, बल्कि मरीजों के कल्याण को प्राथमिकता देना था। बुधवार की रात तक सभी पक्षों के बीच एक समझौते पर सहमति बन गई। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तव में एक बड़ा सुधार है। कुछ लोग इसे केवल एक सतही बदलाव या कॉस्मेटिक प्रयास मान रहे हैंC। इस समझौते के दूरगामी परिणामों पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। यह देखना होगा कि क्याC स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार आता है या नहीं।