जर्मनी में एक सर्वेक्षण के अनुसार, चांसलर पर जनता का विश्वास कम हो रहा है, खासकर एएफडी (AfD) पार्टी से निपटने के तरीके को लेकर। रेउत्लिंगेन की सबीन ग्रॉस ने बताया कि वह सार्वजनिक रूप से लोगों को देखती हैं और सोचती हैं कि कितने लोग एएफडी को वोट देते हैं। एक साक्षात्कार श्रृंखला "सात प्रश्न, सात उत्तर" में, ग्रॉस ने चांसलर पर अपने अविश्वास का कारण बताया। उनका कहना है कि चांसलर एएफडी के साथ सही तरीके से व्यवहार नहीं कर रहे हैं। यह अविश्वास जर्मनी की राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव दर्शाता है। इस मुद्दे पर जनता की राय विभाजित है और यह राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। यह घटना जर्मनी में राजनीतिक ध्रुवीकरण और बढ़ती आशंका को उजागर करती है।