जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्केल के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में हाल ही में बदलाव आया है। पेरिस और वाशिंगटन के साथ उनके संबंध कुछ ठंडे पड़ गए हैं। माना जा रहा है कि मर्केल अब नए सहयोगियों की तलाश में हैं। पूर्वी यूरोप और एशियाई देशों के साथ उनके संबंध मजबूत हो रहे हैं। यह बदलाव जर्मनी की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह यूरोपीय संघ के भीतर शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। मर्केल की इस नई रणनीति के पीछे के कारणों पर अभी भी अटकलें लगाई जा रही हैं।