जी7 शिखर सम्मेलन में जर्मन चांसलर ने यूक्रेन पर ट्रंप के साथ हुई बातचीत के बाद आशावाद व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने सहयोग करने की इच्छा दिखाई। चांसलर ने ज़ोर देकर कहा कि डोनबास को लेकर रूस की मांगें अस्वीकार्य हैं। यह प्रयास ट्रंप को यूक्रेन को समर्थन देने के लिए राजी करने के उद्देश्य से किया गया है। माना जा रहा है कि ईरान इस मामले में मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है। जर्मनी का मानना है कि रूस की मांगों को स्वीकार करना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए हानिकारक होगा। इस बातचीत का उद्देश्य यूक्रेन संकट को हल करने के लिए एक राजनयिक समाधान खोजना है।