जर्मन चांसलर फिलहाल सामाजिक और कर सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हालांकि, अगले सप्ताह उन्हें विदेश नीति पर व्यापक रूप से ध्यान देना होगा। आने वाले दिनों में दो महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन होने वाले हैं। इन सम्मेलनों में भाग लेने और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए चांसलर की तैयारी चल रही है। सरकार ने यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन से पहले एक बयान जारी किया है, जिसमें विदेश नीति की चुनौतियों और प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला गया है। यह बयान जर्मनी की विदेश नीति की दिशा और आगामी बैठकों में उठाए जाने वाले मुद्दों को स्पष्ट करता है। चांसलर का लक्ष्य घरेलू सुधारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर जर्मनी की भूमिका को मजबूत करना है।