जर्मनी के चांसलर मर्स कम समर्थन और अफडी (AfD) के बढ़ते प्रभाव के कारण सरकार का पुनर्गठन कर रहे हैं। यह बदलाव जेन्स स्पाहन के इस्तीफे के बाद आया है। नीना वारकेन अब चांसलर कार्यालय की नई प्रमुख नियुक्त की गई हैं। इस पुनर्गठन का उद्देश्य सरकार की स्थिरता को मजबूत करना और जनता का विश्वास फिर से हासिल करना है। माना जा रहा है कि यह कदम पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को भी शांत करने का प्रयास है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पुनर्गठन से सरकार की नीतियों में भी बदलाव आ सकता है। यह देखना होगा कि क्या यह पुनर्गठन मर्स सरकार को मजबूत कर पाएगा या नहीं।