जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने दक्षिणपंथी चरमपंथी पार्टी “सृजन विकल्प के लिए जर्मनी” (AfD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने AfD पर ‘पुनर्प्रवास’ की वकालत के माध्यम से ‘जातीय शुद्धिकरण’ की विचारधारा का पालन करने का आरोप लगाया। यह आरोप पार्टी की नीतियों और प्रस्तावों के संदर्भ में किया गया है, जिन्हें मर्ज़ ने जर्मनी में जातीय विभाजन को बढ़ावा देने वाला बताया है। इस आरोप के बाद AfD ने तुरंत ही प्रतिक्रिया दी है, और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। चांसलर के इस बयान ने जर्मनी की राजनीति में गरमाहट ला दी है, और AfD की नीतियों पर तीखी बहस शुरू हो गई है। इस घटनाक्रम से जर्मनी में दक्षिणपंथी विचारधारा के उदय और उसके संभावित परिणामों पर चिंता बढ़ गई है। यह आरोप जर्मन समाज में गहरे विभाजन और नस्लीय तनाव को भी उजागर करता है।