जर्मनी में सीमेंट की खपत में भारी गिरावट आई है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय के स्तर तक पहुँच गई है। उद्योग संघ ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, जिसका मुख्य कारण ईरान युद्ध के कारण सीमेंट, डीजल और कंक्रीट की कीमतों में वृद्धि है। बढ़ती लागत के कारण निर्माण गतिविधियों में कमी आई है। हालांकि, उद्योग को उम्मीद है कि विशेष निधि (Sondervermögen) इस क्षेत्र को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकती है। यह निधि निर्माण क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर सकती है और मांग को बढ़ा सकती है। विशेषज्ञ इस गिरावट को दीर्घकालिक रुझान के रूप में देख रहे हैं, जिसके लिए तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। सीमेंट की घटती मांग का असर अन्य संबंधित उद्योगों पर भी पड़ सकता है।