चीन में हाल के महीनों में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली कारों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। शीर्ष दस सबसे अधिक बिकने वाली कारों में से एक भी पारंपरिक इंजन वाली नहीं है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव जर्मन ऑटोमोबाइल उद्योग पर पड़ा है। मर्सिडीज़-बेंज, बीएमडब्ल्यू और वोक्सवैगन जैसी प्रमुख जर्मन कंपनियों को चीन में अपनी बिक्री बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह गिरावट जर्मन वाहन निर्माताओं के लिए एक गंभीर चुनौती है, जो चीन को एक महत्वपूर्ण बाजार मानते हैं। इस स्थिति से उबरने के लिए, जर्मन कंपनियां जापानी ऑटोमोबाइल निर्माताओं के मॉडल पर विचार कर रही हैं, जिन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले से ही ध्यान केंद्रित किया है। जापानी कंपनियों की सफलता से जर्मन उद्योग को नई दिशा मिल सकती है।
