जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसी यमन में करोड़ों यूरो की धोखाधड़ी का शिकार हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, यह धन हूती विद्रोहियों तक पहुंचने की आशंका है। यमन में सहायता कार्यों के लिए आवंटित इस कोष में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच में यह पता चला है कि धोखाधड़ी के माध्यम से हूटियों को धन मुहैया कराया गया हो सकता है। जर्मन सरकार ने इस मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना से जर्मनी की विदेशी सहायता नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं और पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों के लिए भी एक चेतावनी है, जिन्हें धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
