जी7 शिखर सम्मेलन से पहले, फ्रांस ने अपने क्षेत्र में विरोध प्रदर्शनों की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, “नो जी7” आंदोलन का मार्च जिनेवा में आयोजित किया गया। सुरक्षा के लिए चार हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, फिर भी प्रदर्शन के दौरान बर्बरता और हिंसा की घटनाएं हुईं। जिनेवा शहर में विरोध प्रदर्शनों के कारण तनाव का माहौल बना रहा। अधिकारियों ने संपत्ति को हुए नुकसान और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के लिए जांच शुरू कर दी है। यह घटनाक्रम जी7 शिखर सम्मेलन के आयोजन से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं, जिसके कारण कुछ लोग घायल भी हुए।