हाल ही में जेन ज़ी विरोध प्रदर्शनों के बाद भारतीय न्यायपालिका पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। सर्वोच्च न्यायालय ने 2025-26 में अब तक सबसे खराब प्रदर्शन किया है, जहाँ केवल 29.46 प्रतिशत मामलों का निपटान किया गया। यह दर पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है, जो न्यायिक प्रणाली की कार्यप्रणाली पर विरोध प्रदर्शनों के प्रभाव को दर्शाती है। विरोध प्रदर्शनों के कारण अदालतों में कामकाज बाधित हुआ और लंबित मामलों का बोझ बढ़ गया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। अदालतों को मामलों के तेजी से निपटान के लिए नई रणनीतियों पर विचार करना होगा। न्यायपालिका की दक्षता बहाल करना एक बड़ी चुनौती है।