एक नए अध्ययन में पाया गया है कि स्मार्टफोन के साथ बड़े होने के बावजूद जेन ज़ेड साइबर हमलों के लिए सबसे अधिक संवेदनशील है। यह पीढ़ी, जो डिजिटल दुनिया से गहराई से जुड़ी हुई है, अक्सर सुरक्षा जोखिमों के प्रति अनजान रहती है। अध्ययन में यह भी पता चला है कि जेन ज़ेड के सदस्य अक्सर कमजोर पासवर्ड का उपयोग करते हैं और फ़िशिंग हमलों का शिकार हो जाते हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जेन ज़ेड को ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना महत्वपूर्ण है। उन्हें मजबूत पासवर्ड बनाने, फ़िशिंग ईमेल से बचने और अपने उपकरणों को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए जाने चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि वे अपनी ऑनलाइन गोपनीयता और सुरक्षा को समझें। इस पीढ़ी की डिजिटल साक्षरता बढ़ाने से साइबर अपराध से बचाव में मदद मिलेगी।

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