एक हालिया अध्ययन के अनुसार, पक्षी देखने के शौकीनों की संख्या में 1088% की भारी वृद्धि हुई है। यह रुझान विशेष रूप से जेन Z पीढ़ी में देखा जा रहा है, जो पक्षियों के प्रति गहरी रुचि विकसित कर रहे हैं। पक्षी प्रेमियों का मानना है कि यह महज पक्षियों को देखना नहीं, बल्कि एक अनौपचारिक समुदाय का हिस्सा बनना है। वे इसे प्रकृति से जुड़ने और सुकून पाने का एक तरीका मानते हैं। यह वृद्धि प्रकृति के प्रति बढ़ती जागरूकता और डिजिटल माध्यमों के माध्यम से समुदाय निर्माण की क्षमता को दर्शाती है। पक्षी देखना एक शौक से बढ़कर एक सामाजिक गतिविधि बन गया है। इस नए रुझान से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिल सकता है।