इजरायली हमलों में अब तक लगभग 240 फ़िलिस्तीनी फ़ुटबॉलर मारे गए हैं। इन खिलाड़ियों में से कुछ को भविष्य में विश्व कप में खेलते हुए देखा जा सकता था। इन्हें ‘गज़ा का मेसी’ या ‘फ़िलिस्तीन का पेले’ जैसे नामों से जाना जाता था। यह घटना फ़िलिस्तीनी खेल जगत के लिए एक बड़ा नुकसान है। हमलों के कारण, कई प्रतिभाशाली युवा फ़ुटबॉलर अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे फ़िलिस्तीन की फुटबॉल प्रतिभा का भविष्य अनिश्चित हो गया है। यह त्रासदी खेल के माध्यम से आशा और प्रेरणा के प्रतीक बन चुके इन खिलाड़ियों के सपनों को भी खत्म कर गई है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़िलिस्तीनी खेल समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
