गाज़ा की ओर मानवीय सहायता लेकर जा रहे एक फ़्लोटिला को रोकने के दौरान 430 प्रो-फिलिस्तीनी कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जाँच फ्रांस, इटली और ऑस्ट्रेलिया कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने ‘क्रूर’ और ‘साडिस्टिक’ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है, जिसे इज़राइल ने सिरे से खारिज किया है। ये आरोप फ़्लोटिला को रोकने के बाद कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़े हैं। तीनों देश अब इस मामले में स्वतंत्र जाँच कर रहे हैं ताकि आरोपों की सच्चाई का पता लगाया जा सके। इज़राइल का कहना है कि फ़्लोटिला ग़ैरकानूनी था और सुरक्षा कारणों से उसे रोकना आवश्यक था। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा कर दी है और मानवाधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जाँच की मांग की है। जांच के परिणाम आने के बाद ही मामले की स्पष्टता होगी।
