गाज़ा में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए मिस्र में चल रही शांति वार्ता एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गई है। शांति बोर्ड के प्रतिनिधि निकोलाई म्लाडेनोव ने फ़िलिस्तीनी गुटों से किसी भी तरह की अतिरिक्त शर्त न रखने की मांग की है। यह मांग वार्ता को जटिल बना सकती है, क्योंकि इससे पहले भी कई बार शर्तों को लेकर गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, म्लाडेनोव का रुख सख्त है और वे किसी भी रियायत देने के मूड में नहीं हैं। इस बीच, फ़िलिस्तीनी गुटों ने अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वार्ता की विफलता का मतलब गाज़ा में हिंसा का जारी रहना होगा, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान हो सकता है। अलजazeera के अनुसार, यह रिपोर्ट विशेष रूप से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
