गाउटेंग प्रांत में २००१ में एरोटोन में हुए ३०० मिलियन रैंड मूल्य के ड्रग्स जब्ती मामले में यातायात विभाग के प्रमुख सैमुअल मशाबा की मडलंगा आयोग के समक्ष गवाही महत्वपूर्ण रही। मशाबा पर इस मामले में मिली ड्रग्स की गुप्त सूचना को समय पर अधिकारियों को न बताने का आरोप है। आयोग के समक्ष उन्होंने इस चूक का कारण स्पष्ट करने में कठिनाई महसूस की। उनकी गवाही से पता चलता है कि विभाग के भीतर नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने में कमज़ोरी थी। इस मामले ने गाउटेंग में ड्रग्स तस्करी और भ्रष्टाचार के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। आयोग इस मामले की गहन जांच कर रहा है और मशाबा की गवाही से जांच को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आगे की जांच से इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।