सरकार मफी जांच (मर्फी जांच) की व्यापक सिफारिशों को कमजोर करते हुए जुआ विनियामक सुधारों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मर्फी जांच में जुए के विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार की इस पहल को मात्र दिखावा बताते हुए आलोचना की है। उनका कहना है कि सरकार जुए के खतरे को कम करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर नियमों से जुए की लत और इससे जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सरकार का यह कदम जुआ उद्योग पर नियंत्रण स्थापित करने के प्रयासों को कमजोर कर सकता है। इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
