नई शोध के अनुसार, आकाशगंगा के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण टकरावों में से एक, जिसे “लो-एनर्जी-क्रैकन-हेराक्लेस” विलय कहा जाता है, लगभग 12 अरब साल पहले हुआ था। यह टकराव हमारी आकाशगंगा, मिल्की वे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह विलय मिल्की वे के प्रारंभिक विकास को आकार देने में सहायक था। इस घटना से आकाशगंगा के तारों और गैस के वितरण पर गहरा प्रभाव पड़ा। शोधकर्ताओं ने इस विलय की खोज आकाशगंगाओं के पुराने तारों के रासायनिक गुणों का विश्लेषण करके की। यह खोज ब्रह्मांड के शुरुआती इतिहास और आकाशगंगाओं के विकास को समझने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मिल्की वे जैसी आकाशगंगाओं के निर्माण के बारे में नई जानकारी प्राप्त होती है।