गैबॉन और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मछली पकड़ने का समझौता 28 जून को समाप्त हो गया और इसे नवीनीकृत नहीं किया गया। गैबॉन सरकार का कहना है कि यह समझौता यूरोपीय मछुआरा कंपनियों के पक्ष में एकतरफा था, क्योंकि वे अपनी मछली गैबॉन में न उतारकर अन्यत्र उतारते थे, जिससे गैबॉन को कोई आर्थिक लाभ नहीं होता था। गैबॉन का आरोप है कि समझौते से देश को कोई अतिरिक्त मूल्य नहीं मिला। यूरोपीय संघ ने अपनी मंशा सही बताई है और बातचीत के लिए तत्परता व्यक्त की है। इस फैसले से यूरोपीय मछुआरा कंपनियों के गैबॉन के जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के अधिकारों पर असर पड़ेगा। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत की संभावना बनी हुई है। यह समझौता कई वर्षों से दोनों पक्षों के बीच मछली पकड़ने के नियमों और अधिकारों को नियंत्रित कर रहा था।