ली कॉस्टेलो ने नाबालिग ग्रेड को यू-18 से यू-17 में वापस लाने के कदम का समर्थन किया है। उनका तर्क है कि युवा खिलाड़ियों को जल्द वयस्कता में धकेला नहीं जाना चाहिए। बहुत कम उम्र में ही शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ने से खिलाड़ियों का विकास बाधित हो सकता है। कॉस्टेलो का मानना है कि बच्चों को खेल का आनंद लेने और स्वाभाविक रूप से विकसित होने का समय मिलना चाहिए। जीएए (GAA) को युवाओं को उनकी उम्र के अनुसार खेलने की अनुमति देनी चाहिए, ताकि वे खेल के प्रति प्रेम बनाए रखें और लंबे समय तक इससे जुड़े रहें। यह बदलाव खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक होगा, और यह सुनिश्चित करेगा कि वे खेल में अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें।