फ्रांस के इवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में ईरान और खाड़ी क्षेत्र के मुद्दे ने प्रमुखता हासिल की। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तेहरान के प्रति आक्रामक नीतियों के कारण अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच मतभेद उत्पन्न हो गए थे। अब, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण जी7 देश फिर से एक मंच पर आ गए हैं। शिखर सम्मेलन में ईरान के साथ बातचीत के विकल्पों पर विचार किया गया, लेकिन किसी भी ठोस समझौते पर पहुंचने की जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि जी7 देश ईरान पर राजनयिक दबाव बढ़ाने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इस पुनर्मिलन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के प्रति एक अधिक समन्वित दृष्टिकोण की उम्मीद है। शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।