फ्रांस में होने वाली जी-7 शिखर वार्ता में चीन के साथ प्रतिस्पर्धा एक केंद्रीय विषय होगा। यूरोपीय संघ (ईयू) को डर है कि चीन के बढ़ते प्रभाव से उसकी ऑटोमोबाइल उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। यदि चीन के साथ नई बातचीत सफल नहीं होती है, तो ईयू, बीजिंग के प्रति अपनी व्यापार नीति को और कठोर करने पर विचार कर सकता है। यह कदम ईयू के उद्योगों को चीनी प्रतिस्पर्धा से बचाने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है। शिखर वार्ता में इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है। यह निर्णय वैश्विक व्यापार संबंधों और भू-राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। ईयू का लक्ष्य एक संतुलित व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करना है।