फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में पश्चिमी देशों ने यूक्रेन के समर्थन और रूस पर दबाव बनाने में अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह कई समय बाद ऐसा हुआ है जब पश्चिमी देश किसी मुद्दे पर इतने स्पष्ट रूप से एकमत हुए हैं। शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य सहायता जारी रखने पर सहमति बनी। रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को कड़ा करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। मेर्ज़ के अनुसार, यह एकजुटता यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है और रूस को उसकी आक्रामक नीतियों के लिए जवाबदेह ठहराने में मदद करेगी। शिखर सम्मेलन के परिणाम पश्चिमी देशों के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत करने का संकेत देते हैं। यह घटनाक्रम यूक्रेन संकट के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
