फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन बिना किसी विवाद के संपन्न हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बार सहयोगपूर्ण रवैया अपनाया, जिससे बैठक में सकारात्मक माहौल रहा। हालांकि, यह सद्भाव कब तक कायम रहेगा, इस पर संदेह जताया जा रहा है। ट्रम्प का यह व्यवहार पूर्व की बैठकों से अलग था, जहाँ उन्होंने अक्सर टकराव वाले बयान दिए थे। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प की यह नरमी अस्थायी हो सकती है और भविष्य में नीतिगत मतभेद फिर से उभर सकते हैं। शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सभी नेताओं ने मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।