जी7 शिखर वार्ता में कूटनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अपने समकक्षों के प्रति आक्रामक रवैये और आलोचनात्मक टिप्पणियों के कारण ऐसा माहौल बन सकता है। यह शिखर वार्ता अमेरिका और यूरोप के बीच नाजुक संतुलन बनाए रखने की चुनौती पेश कर रही है। ट्रंप के रुख से अन्य सदस्य देशों के साथ मतभेद गहराने की आशंका है। शिखर वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने वाली है, लेकिन ट्रंप के व्यवहार से उन पर सहमति बनाना मुश्किल हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सम्मेलन कूटनीति के लिए एक कठिन परीक्षा साबित होगा। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
