फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने समकक्षों के बदले हुए रवैये का सामना करना पड़ रहा है। पहले की तुलना में, कई नेता अब ट्रंप की सार्वजनिक आलोचना करने में अधिक सहज महसूस कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप के प्रति पहले की चापलूसीपूर्ण नीति के बजाय, अब नेता अधिक स्पष्टवादी दृष्टिकोण अपनाने के लिए तैयार हैं। यह बदलाव ट्रंप प्रशासन की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देता है। शिखर सम्मेलन में व्यापार, जलवायु परिवर्तन और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जहां ट्रंप के विचारों को चुनौती दी जा सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि यह जी7 के भीतर एक नई गतिशीलता को दर्शाता है, जहां सदस्य देशों के नेता अपने राष्ट्रीय हितों को अधिक मुखरता से व्यक्त करने के लिए प्रेरित हैं। इस बदलाव से वैश्विक मंच पर अमेरिका की भूमिका और प्रभाव पर भी असर पड़ सकता है।