2001 में जेनोआ में हुए जी7 शिखर सम्मेलन में हिंसक प्रदर्शनों के बाद, सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। इन प्रदर्शनों के कारण शिखर सम्मेलनों के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाने लगा जो दूरदराज हों और जहाँ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा सके। अब, जी7 शिखर सम्मेलनों के आयोजन स्थल का चयन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाता है, खासकर संभावित खतरों को देखते हुए। ऐसा ही एक खतरा ओसामा बिन लादेन और ब्लैक ब्लॉक्स जैसे समूहों से उत्पन्न हो सकता है। आयोजकों का लक्ष्य है कि शिखर सम्मेलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचा जा सके। इसलिए, ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाती है जो अधिक सुरक्षित हों और जहाँ सुरक्षा बलों को प्रभावी ढंग से तैनात किया जा सके। इन स्थानों का चयन करते समय, दृश्य सौंदर्य और अलगाव दोनों को ध्यान में रखा जाता है।